IDFC First Bank Scam: ED की छापेमारी में दो और गिरफ्तार, अदालत ने चार दिन का पुलिस रिमांड में भेजा
एक आरोपी को भेजा न्यायिक हिरासत, तीन पुलिस रिमांड पर

सत्य खबर हरियाणा
IDFC First Bank Scam : आआईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े बहुचर्चित मामले में जांच कर रहे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ने जांच के दौरान दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों की मुख्य आरोपियों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका सामने आई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रणधीर सिंह, कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और राजेश सांगवान, कंट्रोलर फाइनेंस एंड अकाउंट्स, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के रूप में हुई है। इन दोनों आरोपियों की मुख्य आरोपियों के साथ धोखाधड़ी को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका सामने आई है।
इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी अंकुर शर्मा को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं तथा घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड की भी गहन पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले की चल रही जांच के दौरान राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) की ओर से दो और आरोपियों को 14 मार्च के दिन गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में राजन कटोदिया को भी कल ही गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद राजन कटोदिया सहित चार आरोपियों को आज माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि मामले में गहन पूछताछ की जा सके और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा किया जा सके। जांच एजेंसी ने कहा कि अभी मामले की जांच जारी है।
फर्जीवाड़े के खिलाफ ईडी का एक्शन
बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोन ने IDFC फर्स्ट बैंक, चंडीगढ़ शाखा में हुए बड़े फर्जीवाड़े के मामले में व्यापक कार्रवाई शुरू की थी। इस मामले में लगभग 590 करोड़ रुपये के गबन की जांच के तहत ईडी की टीम 19 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही थी, ताकि मनी ट्रेल और अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) का पता लगाया जा सके। जांच में अब लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है और एजेंसी अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।